किडनी इन्फेक्शन के लक्षण || kidney infection k lakshan

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किडनी इन्फेक्शन के लक्षण: जानें पहचान और उपचार के बारे में

आपकी सेहत में किडनी का महत्वपूर्ण योगदान होता है, और यदि आप किडनी इन्फेक्शन के लक्षणों के बारे में नहीं जानते, तो आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। किडनी इन्फेक्शन एक बीमारी है जो आपकी किडनी की सेहत को प्रभावित कर सकती है, और इसकी पहचान और उपचार के लिए समय पर जानकारी होना महत्वपूर्ण है। इस लेख में हम आपको किडनी इन्फेक्शन के लक्षणों के बारे में बताएंगे जिन्हें पहचानकर आप उचित उपचार कर सकते हैं।

किडनी इन्फेक्शन क्या होता है?

किडनी इन्फेक्शन एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या है जो आपकी किडनी को प्रभावित करती है। यह आमतौर पर यूरीनरी ट्रैक्ट में बैक्टीरिया की वजह से होता है, जिन्हें यूराइन पास करने के दौरान पारित किया जाता है। यह बैक्टीरिया किडनी की तरफ बढ़ते हैं और उन्हें संक्रमित कर सकते हैं, जिससे किडनी इन्फेक्शन हो जाता है।

किडनी इन्फेक्शन के लक्षण

1. यूराइन में आवाज़

किडनी इन्फेक्शन के एक प्रमुख लक्षण है कि आपके यूराइन में आवाज़ होती है। आपका यूराइन आम से अधिक गहरा और गंदा हो सकता है।

2. पेशाब के साथ दर्द और urine की इच्छा

किडनी इन्फेक्शन के साथ पेशाब करते समय दर्द और उराईन की इच्छा महसूस हो सकती है। यह आपके पेशाब करते समय तकलीफ देता है।

3. तेजाबियां और बुखार

किडनी इन्फेक्शन के लक्षणों में तेजाबियां और बुखार भी शामिल हो सकते हैं। यह शरीर की संरक्षण प्रतिक्रिया हो सकती है जब आपके शरीर के बैक्टीरिया से युद्ध होता है।

4. पीलिया

पीलिया एक और लक्षण हो सकता है जिसे किडनी इन्फेक्शन के साथ जोड़कर देखा जा सकता है। यह आपकी त्वचा और आंखों के सफेद हिस्से को पीला बना सकता है।

पीलिया, जिसे ये जून्या भाषा में जौंडिस (Jaundice) के नाम से भी जाना जाता है, एक प्रकार की बीमारी है जिसमें आपके त्वचा और आँखों का रंग पीला हो जाता है। यह हो सकता है क्योंकि आपके शरीर में बिलीरुबिन (Bilirubin) नामक पिगमेंट का स्तर बढ़ जाता है, जो आमतौर पर कफ़िर ग्रंथि (लिवर) में बनता है और फिर पेशाब के साथ शरीर से बाहर निकलता है।

ये अंदरूनी और बाहरी कारणों के कारण हो सकता है, जैसे कि:

  1. लिवर के रोग: जौंडिस का सबसे आम कारण ये होता है कि लिवर में कोई समस्या हो जाती है, जिससे बिलीरुबिन का स्तर बढ़ जाता है।
  2. गैल डक्ट की ब्लॉकेज: गैल डक्ट के ब्लॉकेज के कारण भी बिलीरुबिन का स्तर बढ़ सकता है, क्योंकि यह बिलीरुबिन को शरीर से सही ढंग से बाहर निकालने में बाधा डाल सकता है।
  3. रक्त में शरीर के रक्तकणों के में खोना: ये बिलीरुबिन के स्तर को बढ़ा सकता है क्योंकि जब शरीर के रक्तकणों में खून की कमी होती है, तो ज्यादातर बिलीरुबिन को लिवर प्रोसेस करने में समय नहीं मिलता है।
  4. गैल ब्लैडर में पत्थर: गैल ब्लैडर में पत्थर होने के कारण भी जौंडिस हो सकता है, क्योंकि यह गैल ब्लैडर को ब्लॉक कर सकते हैं, जिससे बिलीरुबिन का स्तर बढ़ सकता है।
  5. इन्फेक्शन: लिवर में इन्फेक्शन होने के कारण भी जौंडिस हो सकता है, क्योंकि इससे बिलीरुबिन को सही ढंग से प्रोसेस करने में असमर्थता हो सकती है।

किडनी इन्फेक्शन के कारण

किडनी संक्रमण के कई कारण हो सकते हैं, जो निम्नलिखित हो सकते हैं:

  1. बैक्टीरियल इन्फेक्शन: यह सबसे आम कारण होता है, जिसमें बैक्टीरिया किडनी में प्रवेश करके संक्रमित होते हैं। यहाँ तक कि पेशाब तक पहुंचकर पेशाब के नली में भी संक्रमण फैल सकता है, जिसे यूरीट्राइटिस कहा जाता है।
  2. स्थानिकरण: कई बार सिस्टाइटिस (मूत्राशय की संक्रमण) या अन्य मूत्रमार्ग संक्रमण किडनी में फैल सकता है और संक्रमण को बढ़ा सकता है।
  3. खराब हाइजीन: अगर आपके पास खराब हाइजीन (मांसपेशियों की खचकच) है, तो यह किडनी संक्रमण की संभावना बढ़ा सकता है।
  4. यूरोलिथियासिस (पथरी): मूत्रमार्ग में पथरी होने से ब्लॉकेज हो सकती है और संक्रमण की संभावना बढ़ सकती है।
  5. नसों का दबाव: किडनी के पास जाने वाले मूत्रमार्ग को नसों का दबाव या ब्लॉकेज भी किडनी संक्रमण के कारण बन सकता है।
  6. डायबीटीज़: डायबीटीज़ के रोगियों में किडनी संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है, क्योंकि डायबीटीज़ किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है और उसे संक्रमित होने के लिए अधिक संवत्सर करता है।
  7. अन्य मेडिकल कंडीशन्स: अन्य किडनी संक्रमण के संभावित कारणों में शामिल हो सकते हैं, जैसे कि इम्यून सिस्टम की कमजोरी, प्रोस्टेट की समस्याएँ, और प्रेग्नेंसी के दौरान संक्रमण।

किडनी संक्रमण के लक्षणों की पहचान और सही उपचार के लिए चिकित्सक की सलाह लेना महत्वपूर्ण होता है।

 

किडनी इन्फेक्शन का उपचार

किडनी इन्फेक्शन का सही उपचार करने के लिए आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। आपके डॉक्टर आपकी सेहत की स्थिति को मापन करेंगे और उपचार की सलाह देंगे।

किडनी संक्रमण का उपचार डॉक्टर द्वारा आयोजित किया जाता है और यह संक्रमण के स्तर, प्रकार, और रोगी की स्थिति पर निर्भर करता है। यहाँ कुछ आम उपाय दिए गए हैं जो किडनी संक्रमण के उपचार में शामिल हो सकते हैं:

  1. एंटीबायोटिक्स: बैक्टीरियल किडनी संक्रमण के लिए डॉक्टर एंटीबायोटिक्स की सलाह देते हैं जो संक्रमित क्षेत्र के बैक्टीरिया को मारने में मदद करते हैं।
  2. पेनिसिलिन: कुछ किडनी संक्रमण के लिए पेनिसिलिन की प्रेस्क्रिप्शन की जा सकती है, खासतर जब संक्रमण किसी स्ट्रेप्टोकोकल बैक्टीरिया के कारण होता है।
  3. गर्म पानी का सेवन: गर्म पानी पीने से यूरिन में आवाज़ हो सकता है और संक्रमण के लक्षण को कम कर सकता है।
  4. पेशाब के अनुबंधन: यदि आपके पास पेशाब करने में दिक्कत है, तो डॉक्टर के पास जाकर पेशाब के अनुबंधन की सलाह प्राप्त करें।
  5. आराम और उपयुक्त आहार: अपने शरीर को आराम देने और स्वस्थ आहार खाने की सलाह दी जा सकती है ताकि आपकी किडनी ठीक हो सके।
  6. ड्रग्स संघनन: यदि आपके पास विशेष ड्रग्स का सेवन हो रहा है, तो डॉक्टर से उनके संघनन की सलाह लें, क्योंकि कुछ ड्रग्स किडनी संक्रमण की स्थिति को बिगाड़ सकते हैं।
  7. उपयुक्त प्रेस्क्रिप्शन मेडिकेशन: आपके डॉक्टर द्वारा सलाहित मेडिकेशन की उपयोग करना आवश्यक हो सकता है, जिनमें पेनिसिलिन, एंटीबायोटिक्स, और अन्य दवाएँ शामिल हो सकती हैं।

किडनी संक्रमण के उपचार के लिए डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है। सभी उपचार योग्यता और संक्रमण की विशेष प्रकृति के आधार पर चयनित किए जाते हैं, ताकि संक्रमण को सही तरीके से नियंत्रित किया जा सके।

किडनी इन्फेक्शन से बचाव

किडनी संक्रमण से बचाव के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाएं:

  1. सही हाइजीन और सफाई: स्वच्छता का ध्यान रखें और वाणिज्यिक क्षेत्र में सही हाइजीन बनाए रखने के लिए सफाई का पालन करें।
  2. पर्याप्त पानी पीना: प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, ताकि आपके मूत्रमार्ग को स्वच्छ रहने में मदद मिले।
  3. प्रवासन के दौरान सफाई: प्रवासन के दौरान यूरिनेशन के बाद सही तरीके से सफाई करें, और उन्हें सुखाने के लिए तिस्स्य ना उपयोग करें।
  4. पेशाब की अविलंब: पेशाब करने की अविलंब का अभ्यास करें, क्योंकि यूरिन के बाहर आने से संक्रमण की संभावना कम होती है।
  5. सही यूरिनेशन पैटर्न: पेशाब करने के सही पैटर्न का पालन करें, और ज्यादा धीरे-धीरे कितने बार पेशाब करने की आदत बनाएं।
  6. स्वस्थ आहार: स्वस्थ आहार खाने का पालन करें, जिसमें फल, सब्जियाँ, पूरे अनाज, प्रोटीन और पर्याप्त पानी शामिल हो।
  7. वायरस और इन्फेक्शनों से बचाव: सामान्य संक्रमण से बचाव के लिए हाथ धोने का सही तरीका और नियमित हाथ धोना भी जरूरी है।
  8. विशेष योगदान: यदि आपकी स्वास्थ्य स्थिति में किसी विशेष योगदान का संकेत है जैसे कि डायबीटीज़ या हाइपरटेंशन, तो उन्हें संभालने के लिए चिकित्सक की सलाह लें।
  9. संतुलित व्यायाम: नियमित व्यायाम करने से आपका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और संक्रमण से बचाव में मदद करेगा।

 

FAQs

किडनी इन्फेक्शन किस उम्र में सबसे अधिक होता है?

किडनी इन्फेक्शन किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन यह बच्चों और बुजुर्गों में ज्यादा होने की संभावना होती है।

किडनी इन्फेक्शन से बचाव के लिए क्या सावधानियाँ हैं?

किडनी इन्फेक्शन से बचने के लिए आपको पर्याप्त पानी पीना, स्वस्थ आहार खाना, और स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए।

किडनी इन्फेक्शन के उपचार में कितना समय लगता है?

किडनी इन्फेक्शन के उपचार का समय व्यक्तिगत होता है और यह आपकी सेहत की स्थिति पर निर्भर करता है। आमतौर पर, उपचार 1 से 2 हफ्तों के बीच का हो सकता है।

निष्कर्ष

किडनी इन्फेक्शन के लक्षणों की पहचान करना और सही उपचार करना महत्वपूर्ण है ताकि आपकी किडनी की सेहत को किसी भी तरह का खतरा न रहे। यदि आपको किडनी इन्फेक्शन के लक्षण दिखाई देते हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और उनके दिए गए उपचार का पालन करना चाहिए।

 

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